दो स्कूलों की कहानी नहीं, दो भारतों की कहानी -सी.एम.जैन ।
लेखक-सी0एम0जैन, मो .न.+91 9408887777 बस्ती(उ0प्र0)–सुबह का समय है। एक माँ अपने बच्चे के टिफिन में फल, जूस और पसंदीदा नाश्ता रख रही है। दूसरी माँ भी उसी समय अपने बच्चे को स्कूल भेजने की तैयारी कर रही है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि घर का राशन महीने के अंत तक चलेगा या नहीं। पहली माँ अपन…
• सुरेश कुमार सिंह गौतम