प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए समय रहते सतर्क एंव सावधान रहें।

बस्ती(उ0प्र0)- 29 मई 2026 (सू.वि.), आंधी-तूफान एवं आकाशीय वज्रपात प्राकृतिक आपदाओं में प्रमुख हैं, जो अचानक उत्पन्न होकर जनजीवन, पशुधन एवं कृषि पर गंभीर प्रभाव डालते हैं। तेज हवाओं एवं बिजली गिरने से जनहानि, पशुहानि, मकानों एवं विद्युत संरचनाओं को क्षति पहुँचती है तथा फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से खुले स्थानों, खेतों, जलाशयों एवं ऊँचे ढाँचों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह अधिक जोखिमपूर्ण होता है। अतः समय रहते सतर्कता एवं सावधानियों का पालन कर इन आपदाओं से होने वाली क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उक्त जानकारी अपर जिलाधिकारी (वि/रा.) प्रतिपाल सिंह चौहान ने दी है। 

उन्होने बताया कि टिन की छत, होर्डिंग, क्षतिग्रस्त मकान, पेड़, बिजली के खंभे एवं मोबाइल टावर से दूर रहें, घर के बाहर या छत पर रखी हुई भारी वस्तुएं उड़ सकती हैं, इसलिए उन्हें बांधकर सुरक्षित रखें, यदि यात्रा कर रहे हों तो सुरक्षित स्थान देखकर वहीं रुक जाएं। उन्होने बताया कि धारदार एवं नुकीली वस्तुओं को खुले में न रखें, धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें एवं पेड़ की शरण में न जाएं।

     आकाशीय विद्युत (वज्रपात) के परिप्रेक्ष्य में सावधानियों हेतु उन्होने बताया कि तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित भवन की शरण में चले जाएं, खिड़की, दरवाजे एवं बरामदे से दूर रहें, पेड़, मोबाइल टावर, बिजली के खंभों, कच्चे मकान, तालाब एवं जलाशयों से दूरी बनाए रखें, खराब मौसम में बच्चों को बाहर न खेलने दें तथा लोहे की खिड़की, दरवाजे एवं हैण्डपम्प आदि को न छुएं, यदि खुले खेत में फंस जाएं तो दोनों कान बंद कर पैरों को सटाकर घुटनों के बल उकड़ू बैठ जाएं, वर्षा, आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली एवं बदलते मौसम का सटीक पूर्वानुमान प्राप्त करने हेतु “दामिनी ऐप” एवं “सचेत ऐप” का उपयोग करें। इन ऐप्स के माध्यम से प्रशासन, स्वयंसेवकों एवं जागरूक नागरिकों द्वारा समय रहते चेतावनी एवं अलर्ट प्राप्त कर आपदा से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। ये ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किए जा सकते हैं।

     आकाशीय विद्युत (वज्रपात) के परिप्रेक्ष्य में सावधानियों हेतु उन्होने बताया कि पेड़ के नीचे खड़े न हों, दीवार के सहारे टेक लगाकर न खड़े हों, धातु युक्त नल, फ्रिज एवं विद्युत उपकरणों को न छुएं, धातु से बने छाते का प्रयोग न करें, घरों में चलने वाले भारी विद्युत उपकरणों को प्लग से अलग कर दें, खुले वाहनों में यात्रा न करें, बचाव के लिए जमीन पर न लेटें तथा तैराकी या नौकायन न करें।