आज सम्पन्न हुए राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 65724 वाद निस्तारित किये गए।
• सुरेश कुमार सिंह गौतम
बस्ती(उ0प्र0)–12सितम्बर 2026,राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उ.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ माननीय न्यायमूर्ति श्री राम मनोहर नरायण मिश्र, प्रशासनिक न्यायमूर्ति, बस्ती मण्डल के द्वारा ज्ञान की देवी सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर माननीय माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति एक दिवसीय दौरे पर जिला एवं सत्र न्यायालय बस्ती आये थे। माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति का स्वागत माननीय जनपद न्यायाधीश श्री शमसुल हक ने लाइव प्लांट देकर किया एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती श्री देवेन्द्र कुमार-प्रथम ने बुके तथा न्यायिक अधिकारी द्वारा ने बुके व पुष्प गुच्छ देकर किया।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने इस अवसर पर जिला कारागार, बस्ती की ओर से लगायी गयी प्रदर्शिनी का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में सम्मिलित होते हुए वृक्षारोपण किया। न्यायालय परिसर में बैंको के स्टॉल का निरीक्षण किया साथ ही अपर एवं सत्र न्यायालय (ई.सी. एक्ट) के निरीक्षण के दौरान लोक अदालत में नियत वादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। तत्पश्चात भ्रमण करते हुये परिवार न्यायालय गये, जहाँ पर सुलह-समझौते के आधार पर सहमत दंपत्तियों ने एक दूसरे को माला पहनाया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने साथ-साथ रहने को तैयार दंपत्तियों को बधायी दी तथा उनके सुखमय जीवन की शुभकामनाएँ दी।
उक्त अवसर पर जनपद न्यायाधीश श्री शमसुल हक, प्रधान न्यायालय कु. आराधना रानी, पीठासीन अधिकारी भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण के पीठासान अधिकारी श्री बाबू राम, अपर प्रधान न्यायाधीश मौसमी मध्येशिया, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती श्री देवेन्द्र कुमार-प्रथम भी उपस्थित थे। परिवार न्यायालय से कुल 51 वाद निस्तारित हुये जिनमें से सुलह समझौते के आधार पर 14 दंपत्ति साथ-साथ रहने को तैयार हुए।
माननीय न्यायमूर्ति महोदय द्वारा बार के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर वार्ता की गयी। माननीय न्यायमूर्ति महोदय द्वारा सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ भी बैठक की गयी तथा न्याय में पारदर्शिता, समय पर न्यायालय आने हेतु निर्देशित किया तथा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुरूप ही निर्णय पारित करने तथा न्यायालय को अपने निष्कर्ष एवं साक्ष्यों के मूल्यांकन पर अधिक ध्यान देते हुये निर्णय लेखन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। माननीय न्यायमूर्ति द्वारा जनपद न्यायालय की इन्फ्रास्ट्रक्चर कमेटी के साथ भी बैठक की गयी।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती श्री शमसुल हक के कुशल मार्गदर्शन में जनपद न्यायालय परिसर, सभी ग्राम न्यायालय, सभी तहसीलों, राजस्व न्यायालय, कलेक्ट्रेट में सफलता पूर्वक किया गया। जिसमें नोडल अधिकारी(राष्ट्रीय लोक अदालत)/अपर जिला जज श्री प्रमोद कुमार गिरि, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती श्री देवेन्द्र कुमार-प्रथम, जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक डा. यशबीर सिंह एवं अन्य विभाग एवं उनके अधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायालय से कुल 111 मामले निस्तारित हुए जिसमें रूपये 411170000 की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गयी। भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण से 1 मामला, उपभोक्ता फोरम से 67 मामले निस्तारित हुए। विभिन्न न्यायालयों से कुल 3186 मामलें निस्तारित हुए। प्री-लिटिगेशन स्तर पर 62538 मामलों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 65724 वाद निस्तारित हुये एवं कुल रूपये 59239413 की धनराशि वसूल की गयी।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण श्री मो0 रिजवानुल हक, भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण के पीठासान अधिकारी श्री बाबू राम, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु० आराधना रानी, पीठासीन अधिकारी उपभोक्ता फोरम अमरजीत वर्मा, अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत राकेश कुमार शुक्ला, अपर जिला जज प्रथम श्री कमलेश कुमार, अपर जिला जज/विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी. एक्ट) रामकरन यादव, अपर जिला जज(ई.सी. एक्ट)/नोडल अधिकारी प्रमोद कुमार गिरि सहित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संदीप, सिविल जज (सी.डी.) श्रीमती साबिहा खातून, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम श्री राज बाबू, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय श्री आरिफ अहमद अंसारी समेत समस्त न्यायिक अधिकारीगण ने प्रतिभाग किया।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला कारागार, बस्ती में निरूद्ध बन्दियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प कला तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से एक जिला एक उत्पाद के तहत उत्पादों की प्रदर्शिनी भी लगाई गई, जो आम जन के क्रय हेतु भी उपलब्ध थी एवं न्यायिक अधिकारीगण तथा कर्मचारीगण एवं अन्य द्वारा उक्त सामग्रियों को क्रय भी किया गया था।