जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार की हर सम्भव मदद किया।

बस्ती(उ0प्र0)-  15 सितंबर 2026 (सूचना विभाग )12 सितंबर  को प्रकाशित शीर्षक "मॉ पर चार दिव्यांग बच्चों की जिम्मेदारी, सिर पर छत भी नहीं, बस्ती में सरकारी मदद की आस में भटक रहा परिवार" को जिलाधिकारी  द्वारा संज्ञान में लेते हुए प्रकरण में त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए  रामकिशन पाण्डेय के चार बच्चे हैं, चारो बच्चे दिव्यांगता से ग्रसित हैं। 

बच्चों का नाम अंकुर 18 वर्ष, विपिन 17 वर्ष, शिव कुमार 7 वर्ष एवं सुमन 6 वर्ष है। इनके पास घर नहीं है। इनकी मुख्य समस्या घर की थी, इनके पास जमीन नहीं है। एक बेटा अंकुर दिव्यांग पेंशन की पात्रता रखता है।

 जिला पूर्ति अधिकारी , जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी , जिला दिव्यांगजन शसक्तिकरण अधिकारी , मुख्य चिकित्साधिकारी  एवं परियोजना अधिकारी डूडा, से जॉच करायी गई।


जिला पूर्ति अधिकारी  ने अपनी जॉच आख्या में अंकित किया है कि नगर पंचायत, नगर बाजार में श्रीमती गुड़िया देवी के पास आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक उपलब्ध नहीं है, श्रीमती गुड़िया देवी का आधार लेकर सर्वप्रथम आय प्रमाण पत्र हेतु ऑनलाइन आवेदन कराया गया। बैंक खाता खोले जाने हेतु निकट बैंक में आवेदन करा दिया गया है। तात्कालिक रूप से जनसहयोग के माध्यम से 45 किग्रा0 चावल एवं किराना का सामान दैनिक आवश्यकता के दृष्टिगत उपलब्ध करा दिया गया है। आय प्रमाण पत्र जारी होने के बाद एक सप्ताह के अन्तर्गत आवेदिका को अन्त्योदय राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया जायेगा। आवेदिका परिवार को उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत गैस सिलेण्डर उपलब्ध  करा दी गई ।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा तीन बच्चों का नामांकन उ०प्रा०वि० नगर में कक्षा 7 एवं सुमन का प्रा०वि० रेहार में कक्षा 1 में कराया गया है। 3 बच्चों को शैक्षिक सत्र 2024-25 में स्कार्ट एलाउंस के तहत रू० 6000-6000 की धनराशि एवं विनीता को स्टाइपेन्ड के तहत् रू0 2000/- की धनराशि डी०बी०टी० के माध्यम से भेजी गई है तथा व्हीलचेयर दिया गया है। वर्ष 2025-26 में अंकुर को स्कार्ट एलाउंस में रू0 6000/- एवं विनीता को स्टाइपेन्ड के तहत् रू0 2000/- की धनराशि डी०बी०टी० के माध्यम से भेजी गई है तथा व्हीलचेर दिया गया है। वर्ष 2026-27 में अंकुर को स्कार्ट एलाउंस हेतु अनुशंसा की गई है, जो शीघ्र ही उनके खाते में प्रेषित कर दी जायेगी। शिव कुमार व विपिन को स्पेशल एजुकेटर के द्वारा होम बेस्ट एजुकेशन एवं शैक्षिक सपोर्ट दिया जा रहा है, इसके अतिरिक्त विभाग में कार्यरत फीजियोथेरेपिस्ट  अजय पाण्डेय द्वारा बच्चों की फीजियोथेरेपी किया जा रहा है। डी०बी०टी० के तहत रू0 1200/- की धनराशि, ड्रेश, मोजा, जूता एवं बैग हेतु प्रेषित की जाती है।

जिला दिव्यांगजन शसक्तिकरण अधिकारी द्वारा रामकिशन के दिव्यांग बच्चों को आवागमन की सुगमता हेतु एक व्हीलचेयर उपलब्ध करा दिया गया है तथा बड़े बेटे अंकुर को दिव्यांग पेंशन दिये जाने हेतु आवश्यक अभिलेख पूर्ण कराया जा रहा है।

मुख्य चिकित्साधिकारी  द्वारा अवगत कराया गया कि विपिन कुमार एवं कुमारी सुमन को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।

परियोजना अधिकारी डूडा,  द्वारा अवगत कराया गया है कि दिव्यांग बच्चों के परिवार को कांशीराम आवास योजना के अन्तर्गत आवास पॉकेट संख्या-01, ब्लाक संख्या 36/423 आवंटित कर दिया गया है। इस प्रकार परिवार को सुरक्षित एवं स्थायी आवासीय सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है तथा आवास के अभाव से सम्बन्धित परिवार की मुख्य समस्या का समाधान कर दिया गया है। जिला प्रशासन पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता व गति के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और माननीय मुख्यमंत्री जी का अपार आभार व्यक्त किया है