एक दिवसीय मोती पालन प्रशिक्षण एंव जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न।

बस्ती(उ0प्र0- 06 अक्टूॅबर 2026 ,(सू.वि.,) मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश की ‘उत्तर प्रदेश मोती संवर्धन योजना‘ के अंतर्गत मंगलवार को कार्यालय उप निदेशक मत्स्य, बस्ती मंडल, बस्ती में एक दिवसीय मोती पालन प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चयनित लाभार्थियों एवं प्रगतिशील किसानों को मोती पालन की आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक, तालाब प्रबंधन तथा इससे जुड़ी आर्थिक व व्यावसायिक संभावनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।

     कार्यक्रम में मुख्य तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में आनंद त्रिपाठी, निदेशक MNI Agrohub Pvt. Ltd.  एवं पूर्व अपर निदेशक कृषि (उत्तर प्रदेश शासन) उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को मोती संवर्धन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पद्धति से अवगत कराया। श्रीत्रिपाठी ने सीपों के चयन, स्वस्थ सीपों के रख-रखाव, न्यूक्लियस प्रत्यारोपण, मोती निर्माण प्रक्रिया, पालन स्थल की सुरक्षा तथा उत्पादन अवधि में बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर सीप, प्राकृतिक मोती एवं संवर्धन में प्रयुक्त सामग्रियों का जीवंत व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।

     तकनीकी सत्र में सेवानिवृत्त उप निदेशक मत्स्य बी.पी. सिंह ने तालाब प्रबंधन एवं जल गुणवत्ता मानकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोती पालन की सफलता के लिए पालन स्थल की निरंतर निगरानी, पर्याप्त जल स्तर, जल गुणवत्ता, प्राकृतिक आहार तथा घुलित ऑक्सीजन प्रबंधन अनिवार्य शर्त है। उन्होंने तालाब में प्राकृतिक प्लवक के पोषण हेतु आवश्यकतानुसार संतुलित तत्वों का ही प्रयोग करने तथा अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों से परहेज की सलाह दी। साथ ही, पालन स्थल पर लगभग 06 फीट जल गहराई बनाए रखने एवं ऑक्सीजन का स्तर घटने पर एयरेटर के उपयोग पर बल दिया गया।

*चयनित लाभार्थियों को मिला तकनीकी एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन*                                                           -----------------------

     वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत मोती संवर्धन योजना में चयनित लाभार्थियों को इकाई   संचालन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार जनपद सिद्धार्थनगर से श्रीमती सुनीता पत्नी गंगाराम व रामलखन पुत्र रामकरन, तथा जनपद बस्ती से जितेन्द्र कुमार वर्मा पुत्र रामनाथ वर्मा, श्रीमती निर्मला पत्नी रामनाथ एवं सतीशचन्द्र शर्मा पुत्र जगदीश शर्मा मुख्य लाभार्थियों में शामिल रहे। कार्यक्रम में लाभार्थी आनन्द, पंकज एवं अवधेश ने भी सहभागिता की। योजना के अंतर्गत प्रति लाभार्थी इकाई 2,000 से 5,000 सीपों के संवर्धन का लक्ष्य निर्धारित है।

     उप निदेशक मत्स्य आर.के. श्रीवास्तव द्वारा लाभार्थियों एवं उपस्थित कृषकों का आह्वान किया गया कि वे कम स्थान में ही उपयुक्त तालाब का निर्माण कर मोती पालन जैसी अभिनव एवं आधुनिक विधा को अपनाएं तथा अपनी आय में आशातीत वृद्धि करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि वैज्ञानिक तकनीक, उचित प्रबंधन व नियमित देखरेख से मोती पालन के माध्यम से सुनिश्चित आय प्राप्त की जा सकती है, जिसमें विभाग द्वारा हर स्तर पर तकनीकी व आवश्यक सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य/मत्स्य पालक विकास अभिकरण संदीप कुमार वर्मा सहित मंडलीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।