शासन एंव प्रशासन द्वारा दीपावली,छठ पूजा तथा लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन हेतु दिशा निर्देश जारी।

बस्ती(उ0प्र0)–  02 नवम्बर 2026 (सू.वि.,) उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन बस्ती द्वारा दीपावली, छठ पूजा और माता लक्ष्मी जी की प्रतिमाओं के विसर्जन के दृष्टिगत सुरक्षा, शाति और सुगम व्यवस्था के लिए व्यापक दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) जारी किया गया है। उक्त जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी ज्ञान चन्द्र गुप्ता ने बताया है कि दीपावली एवं लक्ष्मी पूजा  में सुरक्षा के दृष्टिगत पटाखों की बिक्री व उपयोग केवल वैध लाइसेंस धारक दुकानदारों से ही नियत स्थानों से पटाखे खरीदें। 

      उन्होने बताया कि आम जनमानस पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए केवल निर्धारित समय और हरित पटाखों का ही प्रयोग करें। प्रतिबंधित या उच्च ध्वनि वाले पटाखों का प्रयोग न करें। ढीले-ढाले कपड़े पहन कर पटाखें न फोड़े। पटाखे फोड़ते समय अपने आस-पास बालू एवं पानी की बाल्टी की व्यवस्था रखें।

      उन्होने बताया कि अग्निशामक व विद्युत सुरक्षा-बाजारों, दुकानों और घरों में दीये व विद्युत प्रकाश व्यवस्था करते समय शॉर्ट सर्किट से बचाव के पुख्ता इंतजाम रखें। दमकल विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी प्रकार की आपातकाल स्थिति में आपालकाल फायर सर्विस 101 पर कॉल कर अवगत करायें।

      उन्होने बताया कि बस्ती शहर के प्रमुख बाजारों में त्योहारों के दृष्टिगत भीड़ को नियंत्रित करने और जाम से बचने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है तथा यातायात विभाग द्वारा रूट डायवर्जन भी किया गया है, जिसका अनुपालन करें। वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें।

     उन्होने बताया कि निर्धारित विसर्जन स्थल पर प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रमुख रूप से अमहट घाट व अन्य चिन्हित जल स्रोतों पर प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गयी हैं। विसर्जन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों और स्थलों पर ही किया जाए। सीसीटीवी और सुरक्षा निगरानी विसर्जन मार्गों और प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। गोताखोरों, नाविकों और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गयी है। मूर्तियों के विसर्जन से पहले उन पर चढ़ा प्लास्टिक, थर्माेकोल, नायलॉन और रासायनिक पूजन सामग्री को अलग कर लें, ताकि नदियों और जलाशयों में प्रदूषण न फैले।

      उन्होने बताया कि घाटों की सफाई और बैरिकेडिंग छठ महापर्व के दौरान व्रतियों की सुविधा के लिए जिले के सभी प्रमुख तालाबों, पोखरों और नदी घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालयों आदि की व्यवस्था की गयी है। गहरे पानी वाले संवेदनशील स्थलों पर बांस अथवा लोहें की बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि कोई दुर्घटना न हो।

     उन्होने बताया कि व्रतियों की सुरक्षा के लिए घाटों पर पुलिस बल के साथ-साथ आपदा मित्रों, गोताखोरों और सुरक्षा टीमों की तैनाती की गयी है। घाटों पर आम जनमानस के लिए तैराकी पूरी तरह प्रतिबंधित है। अर्घ्य के दौरान पूजा सामग्री को इधर-उधर न फेंककर निर्धारित कूड़ेदानों में ही डाले ताकि पवित्रता बनी रहे।

     उन्होने जनपदवासियों से अपील किया है कि सभी पर्व आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे के साथ मनाएं। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक या आपत्तिजनक अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या डायल 112 पर दें।